पपीता खाने के फायदे Papita ke fayde in hindi

पपीता यह फल भारत में सर्वत्र उपलब्ध है इसके पत्ते अरंड के पत्तों के समान होने से इसे एरण ककड़ी भी कहते हैं इनकी अनेक जातियां उपलब्ध होती इसका फल बाहर से हरा तथा अंदर से पीले रंग का होता है और अंदर काली मिर्च के समान बीज रहते हैं।

पपीता खाने का सही समय

कच्चा पपीता शाक के रूप में प्रयोग होता है और पका हुआ फल भी खाया जाता है यह दस्तावर होता है इसलिए मल की  गाठों को भी निकाल देता है यानी कि जिस को कब्ज हो उसको इसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

पपीता के औषधीय गुण

इसके इस्तेमाल से भूख बढ़ जाती है और भोजन का पाचन ठीक प्रकार से होता है यह स्वादिष्ट और रुचिकर होता है इसके सेवन से वायु पित्त और कफ तीनों ही दोष शांत होते हैं इसलिए इसे सभी रोगों में लाभकारी पाया जाता है।

पपीता Papita बलवर्धक होता है तिल्ली और जिगर की खराबी या बढ़ जाने पर यह बहुत ही अधिक हितकारी होता है इसके अतिरिक्त बुखार और खांसी में भी यह काफी फायदेमंद होता है पपीते का अमाशय पक्वाशय पर विशेष हितकारी प्रभाव पड़ता है। PAPITA आपका पाचन करता है और पेचिश की बीमारी में हितकारी होता है इसके सेवन से आंतों की सूजन मिट जाती है और पेट के कीड़े भी निकल कर बाहर आ जाते हैं।

पपीता खाने में हल्का और सुपाच्य कारक होता है।

इसकी मुख्य विशेषता यह पाई जाती है कि प्रत्येक रोग के रोगी इसका इस्तेमाल उपयोग कर सकते हैं हल्का और सुपाच्य होने के कारण पेट के रोगी के लिए तो इसका उपयोग अति लाभदायक होता है और जो मोटापा घटाना चाहते हैं उनके लिए यह रामबाण है।

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गन्ने के जूस के फायदे – Benefits Drinking Sugarcane Juice

गन्ने के अनेकों नाम है जैसे इख़ ,गुजराती में से शेरडी, मराठी में उस, बंगाली में आक, तमिल में इक्कू, तेलुगु में चिटकु, मलयालम में कन्नड़ और संस्कृत भाषाओं में इक्षु कहते हैं।

गन्ना पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक स्थान में उपलब्ध हो जाता है वैसे तो इसकी काफी सारी प्रजातियां हैं गिनती में कहा जाए तो 16 प्रजातियां इसकी पाई जाती हैं और इन सभी प्रजातियों के जो गुण हैं वह भी लगभग एक ही समान होते हैं।

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गन्ने का साधारण गुण

गन्ना मधुर रस से युक्त यानी कि मीठा होता है ठंडा भारी और चिकनाई युक्त होता है यह शक्ति को बढ़ाने वाला काम वासना को जगाने वाला पेशाब अधिक लाने वाला और रक्तपित्त की व्याधि को नष्ट करने वाला है गन्ने से पेट साफ रहता है गन्ना हृदय के अनुकूल है मन को प्रसन्न रखने वाला और ओज की वृद्धि करने वाला गन्ना होता है।

गन्ना इतनी प्रिय वस्तु है कि लोग इसका नाना प्रकार से उपयोग करते हैं यह बात निश्चित है कि गन्ने का जो रूपांतर हो जाने पर उसके गुणों में भी परिवर्तन हो जाता है।

गन्ने का रस ganne ke juice ke fayde in hindi

यह यंत्र द्वारा निकाला जाता है यदि परंतु पी लिया जाए तो लाभदायक होता है लेकिन रखा हुआ हो तो अरुचिकर होता है तब इसमें खट्टापन आ जाता है और यह भारी कब स्थापित को बढ़ाने वाला प्यास को भड़काने वाला और अधिक पेशाब लाने वाला सिद्ध हो जाता है इसीलिए इसको ताजा ताजा रस पी लेना चाहिए बासी रस नहीं पीना चाहिए।

गन्ने का पकाया हुआ रस चिकना और भारी होता है तथा कफ और वायु को नष्ट करता है इससे पेट का अफारा और पेट का वायुगोला नष्ट होता है।

अधिक पीने से यह शरीर में भारीपन पैदा कर देता है बलवर्धक कब बढ़ाने वाला और वायु को नष्ट करने वाला होता है मूत्राशय का शोधन करना इसका विशेष गुण माना जाता है।

गुड खाने के फायदे

यह भी भारी और गर्म होता है यह कामोत्तेजक मूत्र शोधक वायु नष्ट करने वाला चर्बी बढ़ाने वाला होता है।

गन्ने से बनने वाली चीजे

खांड खाने के फायदे

यह विशेष रूप से मांस को बढ़ाने वाली ठंडी नेत्रों के लिए हितकर पित्त को नष्ट करने वाली और चिकनाईयुक्त होती है मीलों की खांड में विषैले रसायनों के प्रयोग से इसके गुण व दोष वाले बन जाते हैं।

शक्कर के फायदे

यह रक्तपित्त जलन मूर्छा वमन को नष्ट करने वाली तथा वीर्यवर्धक मानी जाती है।

मिश्री के लाभ

यह दस्तावर हल्की और विशेष रूप से वाद एवं पित्त को नष्ट करने वाली होती है यह बहुत ही शीतल वस्तु है।

इसी प्रकार से गन्ना एवं गन्ने से बनने वाले इन सभी पदार्थों का उपयोग आरम्भ से हमारे दैनिक जीवन में होता रहा है हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी गन्ने का उल्लेख है धार्मिक कार्यों में इसका किसी न किसी रूप में उपयोग होता ही है लेकिन विभिन्न प्रकार के रोगों में गन्ने एवं उसके रूपांतरों का प्रयोग करना चाहिए यह भी हमें जान लेना चाहिए।

मूत्र रोग में लाभ

गन्ने का रस ताजा ही पीने से पेशाब अधिक मात्रा में होता है और बार-बार पूर्ण वेग से बाहर निकल जाता है।

पेशाब में रुकावट हो तो गर्म दूध में गुड़ मिलाकर खिला देने से शीघ्र ही लाभ होता है।

पेशाब में जलन हो तो गन्ने को चूसना हितकारी होता है।

नाक से खून आना गर्मी में अधिक घूमने और ब्लड प्रेशर बढ़ जाने से जिनकी नाक में खून आने लगता है उनकी नाक में तीन-चार बूंद गन्ने का रस डालने से लाभ होता है।

पांडु रोग इसमें गन्ने का रस निरंतर सेवन करने से खून की वृद्धि एवं रक्त शोधन होता है।

हिचकी यदि हिचकी आती हो तो गन्ने का रस बार बार पीने को दें गन्ने के रस की दो चार बूंदे नाक में डालना भी हितकारी होता है।

सिर दर्द जिन लोगों को सूर्य निकलते ही सिर दर्द शुरू होने की व्याधि हो उन्हें प्रातः काल शीघ्र ही एक तोला गुड जय माता गाय के घी में मिलाकर खा लेना चाहिए।

प्यास अधिक लगना गर्मी के दिनों में घूमने फिरने से प्यास बढ़ जाती है ऐसी अवस्था में गन्ने का रस या मिश्री पानी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से लाभ होता है।

कांटा आदि चुभना जहां कांटा चुभ गया हो वहां गुड़ अजवाइन मिलाकर बांधने से कांटा स्वयं निकल जाता है और घाव भर जाता है।

गले की जलन गन्ने के सिरके में पानी मिलाकर कुल्ला करने से गले की सूजन जलन जैसे रोग दूर हो जाते हैं।

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रोटी बनाइए मिट्टी के तवे पर और देखिए फिर इसके चौकाने वाले फायदे

मिट्टी के तवे हमारे देश भारत वर्ष में पहले से ही मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल होता रहा है परंतु आज की जो आधुनिक जीवनशैली है उसमें इन मिट्टी के बर्तनों को भुला दिया गया है परंतु जैसे-जैसे मनुष्य परेशान होता गया है बीमार होता गया है तो धीरे-धीरे अपनी पुरानी जीवन शैली की तरफ भी लौट रहा है यदि देखा जाए तो पिछले काफी समय में मिट्टी के बर्तनों की काफी डिमांड बढ़ी है और मिट्टी के बर्तन दोबारा प्रचलन में आने शुरू हो चुके हैं।

मिट्टी के तवे में बनी रोटी खाने के फायदे

रोटी बनाइए मिट्टी के तवे पर और देखिए फिर इसके चौकाने वाले फायदे

आप सभी ने भी यह बात कही ना कही सुनी तो होगी कि मिट्टी के बर्तन में जो खाना बनता है मिट्टी के तवे पर रोटी बनती है उसके अनेकों फायदे होते हैं आयुर्वेद में भी कहा जाता है कि जो भोजन जितना धीमा धीमा पकता है उसका प्रभाव उसके अच्छे गुण भी उतने ही ज्यादा होते हैं और वह हमारे शरीर के लिए अमृत होता है इसीलिए पहले के लोग मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल किया करते थे।

आयुर्वेद के अनुसार मिट्टी के तवे के फायेदे

आयुर्वेद के अनुसार भोजन जितना धीरे-धीरे पकेगा वह भोजन उतना ही गुणों से भरपूर होगा लेकिन आज जो बर्तन इस्तेमाल हो रहे हैं जैसे एल्युमीनियम, स्टील इसमें भोजन काफी तेजी से पकता है जिसके कारण भोजन की गुणवत्ता खत्म हो जाती है और वह जहर बन जाता है हमारे स्वास्थ्य के लिए।

चलिए जानते हैं मिट्टी के तवे पर यदि आप रोटी बनाकर खाते हैं तो उसके आपको क्या-क्या फायदे होते हैं।

पेट की गैस को दूर भगाएं

यदि आपको पेट में गैस बनती है और आप इस गैस से काफी ज्यादा परेशान रहते हैं तो अब मिट्टी के तवे पर बनी रोटी खाइए फिर देखिए आपकी पेट में जो गैस बनती है वह कैसे छूमंतर हो जाती है।

2. मिट्टी के तवे रोटी का स्वाद और पौष्टिकता को बढ़ाएं

यदि आप मिट्टी के तवे पर बनी रोटी खाते हैं तो उस रोटी का स्वाद भी बढ़ जाता है और उसकी जो पौष्टिकता है वह बढ़ जाती है। ये रोटी गुणों की खान हो जाती है और आपके जो खतरनाक बीमारियां हैं वह सब दूर भागती हैं।

3. कब्ज की परेशानी को दूर करें

आजकल के मनुष्य की जीवन शैली ऐसी हो गई है कि उसे कब्ज जैसा रोग काफी जल्दी हो जाता है और अकेली कब्ज आपको अनेकों रोगों से घेर लेती है अपने शरीर में अनेकों प्रकार के रोग आ जाते हैं यदि आपको कब्ज हो जाती है तो कब्ज से आप काफी आसानी से छुटकारा पा सकते हैं यदि आप मिट्टी के तवे पर बनी रोटी खाते हैं तो आपको इस बीमारी से राहत बड़ी जल्दी मिल जाएगी।

4. मिट्टी के बर्तनों में ऐसी क्या खासियत है जो हम इन्हें इस्तेमाल करें

आजकल लोग ऐलुमिनियम के बर्तन में खाना पकाते हैं जिसके अंदर 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और यदि आप पीतल के बर्तन में खाना बनाते हैं तो उसके मात्र 7% पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और यदि आप कांसे में खाना बनाते हैं तो उसके 3% पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं यदि आप मिट्टी के बर्तन में खाना बनाते हैं तो 100% पोषक तत्व बने रहते है।

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सावधानी क्या रखें यदि आप मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं तो आपको मालूम होना चाहिए इसमें सावधानी क्या रखनी चाहिए मिट्टी के तवे को इस्तेमाल करने के बाद कभी भी पानी से ना धोए इसको सूखे कपड़े से ही साफ करके रखें अधिक तेज आंच पर इसको ना रखें क्योंकि ऐसा करने से ये चटक सकता है। इसे धोने में साबुन का इस्तेमाल तो बिल्कुल भी ना करें क्योंकि साबुन को अपने अंदर समाहित कर लेगा और जो कि नुकसानदायक होगा

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दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्त्व और फायदे

दूध आज के वैज्ञानिकों की नजर में दूध में हर प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सूक्ष्म रूप में होते हैं बच्चे बूढ़े रोगी सभी इन के तत्वों को उनकी खूबियों को पाकर स्वस्थ हो जाते हैं

दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्त्व और फायदे

गाय के दूध में प्रोटीन 0. 94, वसा 1.08 ओर करबोज 1.36 मात्रा में पाया जाता है

यदि दूध में पोषक तत्वों की बात की जाए तो सभी जानते हैं कि जो देसी गाय के दूध में सबसे ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं अब हालांकि यह काफी दुख का विषय है कि गायों को अधिक मात्रा में काटा गया है जिसके कारण milk की मात्रा काफी घट गई है अपने भारतवर्ष में यदि आपको देसी गाय का milk ना मिले तो आप बीमार करने वाला भैंस और बकरी का दूध  सकते हैं

माता का दूध भी बच्चों के लिए अमृत माना गया है नवजात शिशु के लिए यही एक उपयोगी आहार है यदि नवजात शिशु के लिए माता का doodh ना हो तो देसी गाय हैं उसका milk पिया जा सकता है क्योंकि यह बहुत ही हल्का होता है जो माताएं भारी पदार्थों का सेवन करती हैं तो उनका doodh भी भारी हो जाता है और बच्चा उसे हजम नहीं कर पाता जिसके कारण doodh लेते ही उल्टी कर देता है

दूध देने वाले प्राणियों में भेड़ हिरण गधी हथनी घोड़ी ऊंटनी का milk रोग विशेष की अवस्था में उपयोग में लाया जाता था

दूध पीने से बढ़ती है पाचन शक्ति

दूध जो है पाचन शक्ति को बढ़ाने वाला आहार है रोज सुबह सुबह खाली पेट यदि doodh पी लिया जाए तो कुछ ही दिनों में पेट की अग्नि को ठीक कर के पाचन शक्ति को बढ़ा देगा शरीर के भीतर की धातुओं को पुष्ट करते शक्ति प्रदान करने का भी milk में एक असाधारण गुण पाया जाता है वायु एवं कफ की बीमारियों को भी नष्ट करने की doodh में अधिक क्षमता होती है

दोपहर के समय पिया हुआ दूध पीत और कफ को नष्ट करके शरीर में ताकत को बढ़ाता है और अग्नि को भी नष्ट करता है रात्रि के समय में किया गया milk बालकों के लिए बुद्धि वर्धक है जबकि प्रोढ़ व्यक्तियों के लिए वीर्य वर्धक हितकारी शरीर के दोषों को शांत करने वाला और आंखों की ज्योति को बढ़ाने वाला होता है यदि दिन में गर्म पदार्थ सेवन किए गए हो तो उनकी शांति doodh सेवन से ही हो जाती है Doodh रात्रि को सोते समय पीना चाहिए

दूध को गर्म करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह अधिक देर तक कढ़ाई में उबला हुआ doodh उतना हितकारी नहीं होता जितना एक उबाल आने के बाद किया गया doodh हालांकि जो पहले के समय में हारे में doodh उबाला जाता था वह अधिक देर तक उबाला जाता था और उसके पोषक तत्व उतना ही ज्यादा होते थे यदि पुराने तरीके से उबाला गया है तो काफी अच्छा रहता है

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जो दूध थोड़ा रंग काला हो गया है जिसका स्वाद भी थोड़ा बिगड़ गया हो जो खट्टापन लिए हो तथा उससे थोड़ी सी दुर्गंध ही आती हो उसको बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए doodh के बने जो काफी सारे पदार्थ है जैसे दही छाछ मक्खन घी मावा पनीर खीर श्रीखंड रबड़ी आदि सभी विभिन्न मनुष्य की प्रकृति और अवस्था के अनुसार कम अधिक लाभकारी होते हैं

दूध पीने से शरीर में शक्ति आती है

आखिर मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि दूध स्वयं एक पूर्ण आहार है दूध के इसी महत्व को ध्यान में रखकर इसके बारे में यह कहा जा सकता है कि आज भी doodh उतना ही लोकप्रिय और फायदेमंद है जितना कि पहले हुआ करता था प्राचीन काल में भी भारत के लोग doodh का और doodh से बनी हुई चीजों का अधिक सेवन किया करते थे और हमेशा कोशिश किया कीजिए कि आप शुद्ध देसी गाय का ही doodh सेवन करें तभी आप लंबी आयु स्वस्थ जीवन पा सकते हैं और बीमारियों को होने वाले खर्चे को रोक सकते हैं इस देश को स्वस्थ बनाने में अपना योगदान दे सकते है

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दही के फायदे क्या आप जानते है रोज दही खाने से क्या होता है?

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दही के फायदे क्या आप जानते है रोज दही खाने से क्या होता है?

 

दही के फायदे जैसे दूध को पूर्ण आहार कहा जाता है उसी प्रकार दही को भी पूर्ण आहार ही कहा जाता है दही और इससे जो पदार्थ बनाए जाते हैं वह हमारे लिए बेहद उपयोगी होते हैं फायदेमंद होते हैं और इसका सेवन घरेलू औषधि के रूप में भी किया जाता है।

दही के फायदे

दही के फायदे
दही के फायदे गर्मियों के मौसम में इसके द्वारा जो लस्सी बनाई जाती है वह पित्त की बीमारियों को दूर करती है dahi के फायदे से धूप के कारण आई हुई शारीरिक और मानसिक चिंता है चक्कर आते हैं उनको तुरंत दूर कर देती है

जिन व्यक्तियों को शरीर में खुश्की रहती है यानी कि रूखापन सा रहता है त्वचा में उन्हें dahi में शक्कर मिलाकर सेवन करना चाहिए इससे दही के फायदे बढ़ जाते है और अधिक फायदेमंद होगा हमारी जो दिमाग की ताकत है स्मरण शक्ति है उसको भी बढ़ाता है।

खून की खराबी में दही के फायदे

यदि आपको खून में कुछ खराबी है तो आपको दही के फायदे जरुर लेने चाहिए सबसे पहले आप नमक मिर्च और खटाई की चीजें हैं उन्हें बंद कर दीजिए और इनकी जगह आप ताजे दही का सेवन कीजिए जो राशि है उसका सेवन कीजिए तो आप देखेंगे तो आपको काफी ज्यादा फायदा होना शुरू हो गया है।

दही के फायदे से पेट की बीमारियों को दूर करे

यदि आपको पेट से संबंधित अनेकों बीमारियां रहती हैं आप परेशान हो चुके हैं पेट से संबंधित बीमारियों से तो आप इसमें दही की लस्सी भी कहा जाता है उसमें थोड़ा सेंधा नमक भुना हुआ जीरा मिलाकर पी लेंगे तो आपको इससे लाभ होगा जो लस्सी होती है वह काफी ज्यादा पाचक होती है पाचन तंत्र को अच्छा बना देती है पाचन तंत्र की अग्नि को बढ़ाती है

लस्सी पाचक होती है बार बार मरोड़ के दस्त संग्रहणी या पतले दस्तों की बीमारी में जब कोई पदार्थ हजम नहीं होता तब यह अमृततुल्य हो जाती है dahi को और अधिक पतला कर इसमें हरा धनिया मिलाकर सेवन करने से पेशाब में रुकावट है वह भी दूर हो जाती है

जी मिचलाता हो उसमे में दही के फायदे

घबराहट होना रूचि होना जी मिचलाना इन सभी में पुदीना मिलाकर दही का रायता बना लेते हैं काफी ज्यादा लाभदायक होगा dahi से बनाया हुआ श्रीखंड भी रुचिकारक तृप्ति दायक शरीर में चर्बी बढ़ाने वाला तथा परम शक्तिवर्धक होता है।

Dahi ke fayde for skin

चमड़ी की बीमारियों में दही को स्नान से पहले शरीर पर रगड़ने से skin साफ हो जाती है और मुहासों से आई कुरूपता दूर होती है।

शहद के फायदे औषधीय गुण और उसके प्रयोग

दही के फायदे बालों के लिए

सिर के बाल झड़ते हो तो सप्ताह में एक बार बालों को दही से धोना चाहिए इससे बाल मुलायम हो जाते हैं घने हो जाते चिकने हो जाते हैं।

दोस्तों dahi के अनेकों प्रयोग है अनेकों फायदे हैं विभिन्न विभिन्न इसके प्रयोग अलग-अलग है यदि स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन भोजन के साथ dahi लस्सी का सेवन करें तो यह व्यक्ति को सदैव निरोगी बनाए रखती है और आपका स्वास्थ्य बेहतर हो जाता है।

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शहद के फायदे औषधीय गुण और उसके प्रयोग

शहद के फायदे और उसके प्रयोग

शहद को मधु और अंग्रेजी में honey भी कहा जाता है यह बहुत ही उपयोगी और गुणकारी होता है।

पंचामृत में शहद का प्रयोग किया जाता है यह वास्तव में अमृत है और इसका उपयोग अमृततुल्य सिद्ध हुआ है मधुमक्खियां फूलों का रस चुस्ती है और उसे छत्ते में जमा कर देती है उसी छत्ते पर यह रस अनेक प्रकार से रूपांतरित होकर शहद का स्वरूप धारण करता है और फिर उसे नई पुरानी विधियों से निकाला जाता है। छोटी बड़ी मक्खियों के अनुसार तथा फूलों पेड़ों और जंगल के भेद से इनके घरों में थोड़ा बहुत अंदर पाया जाता है।

असली शहद की परीक्षा पहचान

1 यदि शहद असली होगा तो मक्खी Honey में गिरने पर भी निकल जाएगी

2. असली shahad होगा तो रूई या कपड़े की पत्ती Honey में भिगोकर जलाई जाए तो जलने लगती है।

3 यदि shahad असली होगा तो कपड़े पर बूंद डालने पर वह कपड़े पर नहीं चिपकेगा।

4 आंखों में लगाने पर बहुत अधिक जलन होती है और आंखों से पानी भी आता है।

5 कुत्ते को यदि Honey खिलाया जाए तो कभी भी नहीं खाएगा।

नया शहद

1 वर्ष तक Honey नया कहलाता है वह दस्तावर और बल को बढ़ाने वाला होता है तथा शहद गुणों में अपेक्षाकृत हीन होने पर भी सर्वगुण संपन्न होता है 1 वर्ष के बाद का पुराना शहर औषधि बन जाता है।

पुरान शहद

यह वायु, पित्त, कफ को दूर करता है चर्बी को कम करता है और नए शहद की अपेक्षा अधिक गुणकारी होता है।

साधारण गुण

शहद हल्का मीठा स्वादिष्ट रुक ग्राही तथा पेट की पाचन तंत्र को पाचन अग्नि को बढ़ाने वाला होता है गला रुका हुआ हो तो साफ कर देता है शरीर के वर्ण को साफ करता है दिमाग की ताकत को बढ़ाता है।

यह वीर्यवर्धक भी माना जाता है कुछ बवासीर खांसी श्वास की बीमारी खून की खराबी पैरो में थकावट पेट के कीड़े प्यास लगना उल्टी होना हिचकी जलन कब्ज तथा शय की बीमारी में लाभकारी सिद्ध होता है।

चर्बी बढ़ जाने की अवस्था में Honey को पानी तथा नींबू में मिलाकर प्रतिदिन सुबह सेवन करने से लाभ होता है।

बाहर के प्रयोग

यदि घाव को भरने के लिए विभिन्न औषधीय पत्ते के साथ लगाया जाए तो घाव को भरता है आंखों की कमजोरी के अवस्था में आंखों में सिलाई से लगाना अधिक लाभकारी होता है आंखों के साधारण रोग एकाध बार प्रयोग से ही नष्ट हो जाते हैं।

खास प्रयोग

यदि शहद को दूध के साथ मिलाकर प्रतिदिन पिया जाए तो शरीर का वजन तथा शक्ति को यह बढ़ा देता है।

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Spirulina ke fayde पालक से भी 5000 गुना अधिक फायेदेमंद

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Spirulina ke fayde पालक से भी 5000 गुना अधिक फायेदेमंद

Spirulina जिसे Supper Food भी कहा जाता है दोस्तों आज हम बात करेंगे स्पिरुलिना के बारे में जिसे सुपरफूड भी कहा जाता है नासा की रिपोट मे भी isko future ka best supplement Kaha gaya hai . इसके अंदर काफी अधिक मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम, अनेकों पोषक तत्व की भरमार है इसके अंदर वह सभी चीजें आपको मिल जाती हैं जो आपके शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं जो युवा शरीर बनाना चाहते हैं अपनी बॉडी बनाना चाहते हैं तो उनकी सबसे ज्यादा high demand होती है प्रोटीन की और उसके लिए ना जाने वह क्या-क्या करते हैं मांस मीट भी खाते हैं महंगे से महंगे प्रोडक्ट खरीदते हैं जो कि उनके शरीर पर साइड इफेक्ट भी छोड़ जाते हैं तो Spirulina उन सभी के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद होता है

Spirulina के अंदर पालक से 5000 गुना अधिक Iron होता है 

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Spirulina के अंदर पालक दाल सोया मॉस अंडे इन सभी से काफी ज्यादा प्रोटीन स्पिरुलिना में पाया जाता है। जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कछुए की आयु इस धरती पर रहने वाले सभी जीवो से अधिक होती हैं कछुआ लगभग 400 से 500 साल तक जीवित रहता है और यह भी कहा जाता है कछुआ समुंद्र में Spirulina को खाकर अपनी आयु लंबी करता है

दोस्तों आप जानते ही हैं कि जो आंवला है आंवला काफी ज्यादा फायदेमंद होता है और काफी अधिक इसके गुण पाए जाते हैं और सभी डॉक्टर सभी वैध यह बात मानते हैं कि आंवले से अनेकों फायदे होते हैं लेकिन जितने फायदे आपको आंवले में मिलते हैं उससे कहीं ज्यादा फायदे आपको स्पिरुलिना में मिल जाते है क्योंकि इसके सेवन से हमारे शरीर में ( Alkaline) एल्कलाइन की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाती है और आपको मैं बता दूं कि जो ( Alkaline) एल्कलाइन है एल्कलाइन  की मात्रा यदि हमारे शरीर में ज्यादा है तो हम स्वस्थ रहेंगे जितने भी आप फायदेमंद फल देखते हैं कुछ भी औषधि देखते हैं तो उसके अंदर अल्कलाइन की मात्रा होती है जो कि हमारे शरीर को स्वस्थ बना देती हैं।

2, कैल्शियम की मात्रा इसके अंदर दूध से 500 गुना अधिक पाई जाती है।

दोस्तों बस आप इतना जान लीजिए कि यदि आपके शरीर में एल्कलाइन  की मात्रा ज्यादा होगी तो आपको कभी कोई भी रोग छू भी नहीं पायेगा। दोस्तों अनेकों बीमारियां हैं जिसमें स्पिरुलिना का इस्तेमाल किया जाता है sugar, cancer, skin problem, urine problem, sex problem, Khoon saaf Na Hota Ho Tu Itni sari cheezo Mein स्पिरुलिना Ka istemal Kiya jata hai।

Spirulina के अंदर पालक से 5000 गुना अधिक Iron होता है
दोस्तों Spirulina के बारे में यह भी सुना जाता है कि पहले के समय में जब जंग हुआ करती थी तो काफी समय तक के लिए भोजन नहीं मिल पाता था तो औषधि के रूप में सुपर फूड के लिए इसको दे दिया जाता था और इससे फायदा यह होता था कि यदि भोजन कई दिन ना कर पाए तो यह शरीर में कमजोरी नहीं आने देता था यानी कि Spirulina इस्तेमाल काफी समय से काफी पहले से ही होता आया है दोस्तों इसका जो सेवन करता है उसको कभी भी कोई skin problem  रोग नहीं होता कभी कोई बालों का रोग नहीं होता कभी कोई कैंसर जैसी बीमारी नहीं होती कभी कोई लीवर का रोग नहीं होता यानी कि कहा जाए तो आपको कोई रोग होता ही नहीं है और दोस्तों इसके बारे में जितना भी कुछ बताऊं उतना ही कम है चाहे तो इस लेख को कितना ही लंबा बना दूं इसके गुण बता बता कर।

चलिए एक लिस्ट के द्वारा जान लेते हैं कि इसके अंदर दूसरी औषधियों दूसरे खाद्य पदार्थों से कितना अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं

1, लोहे की मात्रा इसके अंदर पालक से 5000 गुना अधिक पाई जाती है।

2, कैल्शियम की मात्रा इसके अंदर दूध से 500 गुना अधिक पाई जाती है।

3, सोया के मुकाबले इसके अंदर 300 परसेंट से अधिक प्रोटीन पाया जाता है।

4, विटामिन सी की बात की जाए तो इसके अंदर आंवला से कहीं गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है। और आपको बता दूं कि विटामिन सी है यदि आपके अंदर विटामिन सी की मात्रा सही है कम नहीं है तो आप को त्वचा से संबंधित कोई रोग नहीं होगा और जो उम्र के साथ-साथ झाइयां पड़ जाती हैं वह भी नहीं पड़ती है कहने का तात्पर्य यह है कि आप जल्दी से बूढ़े नहीं दिखते हैं यानी कि आपको अधिक समय तक युवा बनाए रखता है

अब मैं आपको बता दूं कि जो यह Spirulina औषधि है यह खासतौर से समुंदर में पाई जाती है समुंद्र के अनेकों जीव इसका सेवन करते हैं जिससे कि वह अपनी अनेकों बीमारियां दूर कर पाते हैं क्योंकि जो पशु पक्षी होते हैं उन्हें ये मालूम होता है की प्रकर्ति में उनके लिए अच्छा क्या है जैसा कि आपने यदि गंभीरता से प्रकृति में पशु पक्षियों को देखा होगा तो आप इस बात को समझ पाएंगे।

अब Spirulina की खेती भी होने लगी है और किसान भी काफी मात्रा में इसकी खेती करते हैं ताकि उसकी मात्रा कम ना रहे अधिक से अधिक लोगों को उपलब्ध कराया जा सके क्योंकि यह सस्ता और गुणों की खान है। यदि कोई बाजार से प्रोटीन लेता है तो उसके मुकाबले ये काफी सस्ता पड़ता है और गुणवत्ता तो आपने जैसे कि इसकी देख ही ली है

काहा से ख़रीदे अब आपकी इच्छा भी होगी कि आखिर हम स्पिरुलिना खरीदें कहां से या फिर कौनसा खरीदें काफी कम्पनिया इसको बनाकर मार्केट में उतारती हैं लेकिन सवाल यह उठता है क्या वह पूरी तरह से शुद्ध हैं यदि आपको मैं बताऊं तो मैं खुद वेस्टीज कंपनी का इस्तेमाल करता हूं क्योंकि एक तो उसकी गुणवत्ता अधिक है और यह दूसरों से सस्ता भी पड़ता है और जो प्रैक्टिकल है वह मेरा काफी अच्छा रहा है तो आपको भी वेस्टीज कंपनी का ही खरीदना चाहिए जैसे कि आप देख रहे हैं नीचे लिंक दिया हुआ है आप इस तस्वीर पर क्लिक करके स्पिरुलिना खरीद सकते हैं और लाभ उठा सकते हैं

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सावधानी दोस्तों कोई भी चीज है उसमें थोड़ी सी सावधानी हमें रखनी चाहिए दोस्तों यदि आपको जोड़ों का दर्द है तो आप स्पिरुलिना का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें या फिर किसी चिकित्सक के परामर्श के अनुसार इसका इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें हैवी प्रोटीन होता है जिसके कारण आपका जो जोड़ों का दर्द है वह इतनी आसानी से ठीक नहीं हो पाता हो सकता है वह जोड़ों का दर्द आपका बढ़ जाए बस सावधानी इतनी सी ही है

Pet Ki Gas Ka Gharelu Ilaj Hindi

सेवन विधि- चलो दोस्तों अब मैं आपको बताता हूं इसका सेवन कैसे करना है आप जो वेस्टीज कंपनी का यह स्पिरुलिना  खाना खाने के बाद में एक कैप्सूल सुबह और एक कैप्सूल शाम को आपको लेना है बाकी जो व्यक्ति व्यायाम करते हैं कसरत करते हैं मेहनत करते हैं तो उसकी मात्रा आप बढ़ा सकते हैं 2 कैप्सूल आप कर सकते हैं एक समय यानी कि दोनों समय में 4 कैप्सूल आप आराम से इसका इस्तेमाल कर सकते है बाकी आप अपने शरीर के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं तो दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप को ये लेख अच्छा लगा होगा इस लिख को शोशल मिडिया पर शेयर जरूर कीजिएगा ताकि और भी व्यक्ति से फायदा उठा सकें

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Home Remedies For Acidity And Gas Problem – Pet Ki Gas Ka Gharelu Ilaj Hindi

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Home Remedies For Acidity And Gas Problem – Pet Ki Gas Ka Gharelu Ilaj Hindi │ ACIDITY का घरेलू ईलाज़ जानकर दंग रह जाओगे

Tulsi ke beej ke fayde

Tulsi ke beej ke fayde yadi aap janege to aapko kafi haerani hogi ki itni choti si chij itne sare fayde rakhti hai. Aap jante hi hai ki tulsi apne desh bharat me pujniya hai. Tulsi ki hmare gharo me puja hoti hai. Tulsi ka podha ek aisa podha hai jo hmare gharon mein 24 ghante oxygen deta hai. Tulsi ke fayde ki baat ki jaye to ye vatavaran ko saaf rakhta hai. Tulsi ke podhe ke leaves jitney fayed ke hai utne hi iske beej (seeds) ke fayde hai.

Aaj aap janege Tulsi ke beej ke fayde in hindi me

Tulsi ke beej ke fayde

Tulsi ke beej ke fayde

1:- Tulsi ke beej se gupt rog ilaj

Purusho men hone wale gupt rogo ka ilaaj tulsi ke beej se asani se kiya ja sakta hai. yadi aap iska istemal karte hai to aapki sex power increase hogi. Tulsi ke beej ke fayde se purusho ki  napunsakta ka ilaaj asani se ho jata hai.

2:- Tulsi ke beej ke fayde Mahilaon ki mahavir ki samsya mai.

yadatar dekhne men aata hai ki mahilaon hormons ki gadbadi or sharirik kamjori kae karn periods niyamit rup se nahi aate jiske kaarn unhe kafi sari samsyao ka samna karna padta hai. yadi aap tulsi ke beej ka sevan karenge to aapko is samsya se chutkara mil sakta hai.

3:- Tulsi ke beej ke fayde shighrapatan or virya ki kami mai

Shighrapatan or virya ki kami ki samsya aaj kal purusho me kafi badhti ja rahi hai. jiske karan unki marriage life khatam ho jati hai. is karan purush tanav garast rhte hai. yadi aap tulsi ke beej ka sahi istemaal karenge to aapko shighrapatan or virya ki kami jaesi bimari se jaldi chutkara mil sakta hai.

4:- Garbhadhan ki samsya ko dur kare Tulsi ke beej

Jin mahilao ko garbh nahi thehrta unke liye tulsi ke beej kaafi upyogi hai. is samsya ko dur karne ke liye aapko Periods ane par 5 gram tulsi ke beej subha sham pani ke saath tab tak lijiye jab tak Periods khatam na ho jayen. Jab Periods khatam ho jaye to majuphal ka powder bana kar subha or sham ko 10 garam pani ke saath tin din tal lena chahiye. Esa karne se aapko kafi adhik fayeda hoga. or Periods ki samsya dur hogi.

5:- Jab ho sardi khansi tab lijiye tulsi ke beej

Sardi khansi ki samsya yadi aapko rehti hai to aapko ye beej lene chahiye . sardi khansi dur karne ke liye aap tulsi ke patte ka kadha tyar karle aur ye kadha subha or sham ko pijiye aapko sardi khansi ki samsya nahi rahegi.

To friends aapne ynha tulsi ke beej ke fayde jane umid hai ki isse ap kuch fayda jarur utha payenge or hmara ye lekh likhne ka maksad safal hoga. dosto niche comment ke madhyam se hamse sawal puchiye or is lekh ko social media par share jarur kijiye . namaste

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Pregnancy Ke Smye Dudh Pine Ka Man Kyu Karta Hai

Pregnancy ke doraan mahilao ka dudh pine ka man kyu karta hai kya apne kabhi socha hai.
Jyadatar dekha gaya hai ki pregnancy ke doran 3rd month me mahilao ka dudh pine ka jyada man karta hai. Ese me wo 1 litter milk pi sakti hai. Pregnancy Ke Smye Dudh Pine Ka Man Kyu Karta Hai

Pregnancy ke doran jyadatar kuch na kuch khane pine ka man karta hi hai ye koi alag baat nahi hai.

Pregnancy Ke Smye Dudh Pine Ka Man Kyu Karta Hai
Logo me kuch galat avdharna bhi delhi hui hai. Kuch log ye sochte hai ki jab koi mahila pregnent ho or uska man milk pine ko kare to iska matlab uske pet me ladki hai. Ye ek galat dharna hai. Lekin jo health expert hai wo kahte hai ki esa kuch nahi hota. Aaj ham aapko is lekh ke madhyam se kuch aise hi tathyo se avgat karwayenge.

1:- pregnancy ke samye milk dudh ki craving ka matlab kya hai.

Jab mahilaye pregnant hoti hai to unhe mitha, namkeen, khatta, jaisi chijo ka khane ka man hota hai to is craving ko lekar kafi sare parshan uthte hai.

Kya craving hormone ka baby ke ling ya manovaigyanik karno se koi sambandh hai.

2:- kya craving ka hormone se koi sambandh hai?

Doctors ka kehna hai ki pregnancy ke doran body me jo hormone ka badlaw hota hai ye uske karn hota hai. Jyadatar log ye soch sakte hai ki sirf dudh pina hi hormone ke badlaw ke karn kaese ho sakta hai?.

3:- kuch or sujhav

Jyadatar logo ka ye sochna hai ki jab mahila pregnant hoti hai to uski body  kuch poshak tatvo ki kami ko pura karne ke liye vibhi khane ko lena achcha rehta hai. Isse poshak tatvo ki kami ko pura kiya ja sakta hai.

4:- Doctor se salah jarur le?

Yadi aapko pregnancy ke doran dudh pine ka jyada hi man karta hai or aapko dudh se koi allergic  hai to definitely apne doctor se consult jarur karle.